Category Manthan

जल की सतह पर तैरते चेरी ब्लॉसम के पुष्प और पंखुड़ियाँ, जिन पर ओस की बूंदें और सुनहरी प्रकाश की झिलमिलाहट दिखाई दे रही है

वह कल जो कभी आया ही नहीं

क्यों हम अपने आज को कल के भरोसे टाल देते हैं • • • मैंने सोचा, वक़्त मेरे लिए ठहर जाएगा। फिर मैंने सोचा— मेरे लिए ही क्यों ठहरेगा वक़्त? मुझमें ऐसा क्या है, जो उसकी निरंतर बहती धारा को…