कुछ बातें अनजानी सी, या एक मनमोहक कहानी सी…
कुछ बातें अनजानी सी, या एक मनमोहक कहानी सी…
क्या प्रकृति का सौंदर्य हमारे मन और भावनाओं को प्रभावित करता है? • • • वह शाम अनोखी थी… सपनों में लिपटी थी,खुशबू समेटे थी,रंगों से सँवरी थी,धुनों में पिरोई थी… चाँदनी की कोमल आभा मेंकुछ अनकही…कुछ अनजानी-सी। जैसे मुझसे…
क्यों हम अपने आज को कल के भरोसे टाल देते हैं • • • मैंने सोचा, वक़्त मेरे लिए ठहर जाएगा। फिर मैंने सोचा— मेरे लिए ही क्यों ठहरेगा वक़्त? मुझमें ऐसा क्या है, जो उसकी निरंतर बहती धारा को…
उम्र, समय और जीवन के बदलते पड़ावों पर एक सूक्ष्म चिंतन • • • वह आई…धीरे-धीरे, जैसे कोई धुन दूर से पास आती हो—अनकही, अनसुनी…फिर भी जानी-पहचानी। कहीं दूर…जब उसे चुपके से आते देखा—तो मन ही मन सोचा…अभी नहीं… अभी…
माया और भ्रम के सूक्ष्म अनुभवों में ठहरे…कभी-कभी हम उस धुन में खो जाते हैं—जो कभी हमारी थी ही नहीं। वह गीत…जो पहली बार केवल एक धुन था,अब एक ठहराव बन चुका था।मैं उसे सुनता नहीं था,उसमें ठहर जाता था।हर…