
कुछ बातें अनजानी सी, या एक मनमोहक कहानी सी…

कुछ बातें अनजानी सी, या एक मनमोहक कहानी सी…

उम्र, समय और जीवन के बदलते पड़ावों पर एक सूक्ष्म चिंतन • • • वह आई…धीरे-धीरे, जैसे कोई धुन दूर से पास आती हो—अनकही, अनसुनी…फिर भी जानी-पहचानी। कहीं दूर…जब उसे चुपके से आते देखा—तो मन ही मन सोचा…अभी नहीं… अभी…

माया और भ्रम के सूक्ष्म अनुभवों में ठहरे…कभी-कभी हम उस धुन में खो जाते हैं—जो कभी हमारी थी ही नहीं। वह गीत…जो पहली बार केवल एक धुन था,अब एक ठहराव बन चुका था।मैं उसे सुनता नहीं था,उसमें ठहर जाता था।हर…