Category Anubhuti

चाँदनी रात में चेरी ब्लॉसम के वृक्षों, जुगनुओं और धुँधले पथ के बीच प्रकृति का शांत सौंदर्य।

वह रात्रि अनजानी थी

क्या प्रकृति का सौंदर्य हमारे मन और भावनाओं को प्रभावित करता है? • • • वह शाम अनोखी थी… सपनों में लिपटी थी,खुशबू समेटे थी,रंगों से सँवरी थी,धुनों में पिरोई थी… चाँदनी की कोमल आभा मेंकुछ अनकही…कुछ अनजानी-सी। जैसे मुझसे…

abstract silhouette with warm lights, flowing threads and subtle music symbols, reflecting माया and inner ठहराव

वह गीत जो मेरा कभी था ही नहीं

माया और भ्रम के सूक्ष्म अनुभवों में ठहरे…कभी-कभी हम उस धुन में खो जाते हैं—जो कभी हमारी थी ही नहीं। वह गीत…जो पहली बार केवल एक धुन था,अब एक ठहराव बन चुका था।मैं उसे सुनता नहीं था,उसमें ठहर जाता था।हर…